Más información: मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे लो ग तथा पुरुष और स् त्री जातक (Mrigshira Nakshatra: Mrigshira Nakshatra Me Janme Log Tatha Purush Aur Stri Jatak)

¿Qué dice tu signo zodiacal sobre tu personalidad y destino? Si has nacido bajo el Nakshatra de Mrigshira, ¡tenemos información fascinante para ti! En este artículo, exploraremos en detalle las características de las personas nacidas bajo este Nakshatra, tanto hombres como mujeres. Descubre qué te depara el destino y cómo influye esta posición astral en tu vida. No te pierdas esta guía completa de Mrigshira Nakshatra que te ayudará a comprender mejor a ti mismo y a los demás a tu alrededor. ¡Sigue leyendo para descubrir más!

वैदिक ज्योतिष में कुल “27 dias“ है जिनमें से एक है “मृगशिरा नक्षत्र“(Mrigshira Nakshatra)। यह आकाश मंडल तथा 27 días 16 meses स्थान पर है। “53।20” से लेकर “66।40” अंश तक है। मृगशिरा नक्षत्र के चारों ओर 4 meses होते है। इसके मध्य में तीन तारें एक सीधाई में होते है। “मृगशिरा नक्षत्र” का आकार नारियल की आँख जैसी होत ी है। आज हम आपको मृगशिरा नक्षत्र में जन्में लोग तथा प ुरुष और स्त्री जातक की कुछ मुख्य विशेषताएं बतल ा येंगे, पर सबसे पहले जानते है, मृगशिरा नक्षत्र स जरुरी बातें:

” यह दिखने में हिरण के सिर जैसा होता है इसलिए इसक ा नाम मृगशिरा रखा गया। मृगशिरा “चंद्र देव” el 27 de septiembre de 2016 ा ये प्रजापति दक्ष की पुत्री है।

La respuesta es:

  • नक्षत्र – “मृगशिरा”
  • मृगशिरा नक्षत्र देवता – “चंद्रमा”
  • मृगशिरा नक्षत्र स्वामी – “मंगल”
  • मृगशिरा राशि स्वामी – “शुक्र -2, बुध- 2”
  • मृगशिरा नक्षत्र राशि – “वृषभ-2, मिथुन-2”
  • मृगशिरा नक्षत्र नाड़ी – “मध्य”
  • मृगशिरा नक्षत्र योनि – “सर्प”
  • मृगशिरा नक्षत्र वश्य – “चतुष्पद-2, नर-2”
  • मृगशिरा नक्षत्र स्वभाव – “मृदु”
  • मृगशिरा नक्षत्र महावैर – “न्योला”
  • मृगशिरा नक्षत्र गण – “देव”
  • मृगशिरा नक्षत्र तत्व – “पृथ्वी-2, वायु-2”
  • मृगशिरा नक्षत्र पंचशला वेध – “उत्तराषाढ़ा”

उपरोक्त गुणों के अलावा युद्ध विजय, मल्ल युद्ध, मार्शल आर्ट या जूडो कराटे में इनकी रूचि होती हैी हैी दूसरों के गुणों से प्रभावित हो जाना इनका स्वभा व होता है। राजा आदि श्रेष्ठ लोगों के करीब होते है। वृषभ राशि मे होने पर युद्ध आकर्षण, युद्ध सम्बन् धी बातें, मिथुन राशि मे होने पर इनमें सौम्यत्व, व ेदांगत्व, शान्तिप्रियता अधिक होती है। – पराशर

मृगशिरा नक्षत्र का वेद:

Más información र्मणयन्ददाति
यदत्यविदध्य गवं सभेयम्पितृ श्रवणयोम । चन्द्रमसे नम: ।।

मृगशिरा नक्षत्र में चार चरणें होती है। Mi nombre es:

1. मृगशिरा नक्षत्र प्रथम चरण :सूर्य देव” है तथा इस चरण पर No, , No सूर्य ग्रह का प्रभाव ज्यादा रहता है। Hay mucha, mucha gente, sin amigos, sin amigos. मृगशिरा नक्षत्र के जातक होशियार, मेघावी और भाव ुक होते है। इनका दाम्पत्य जीवन साधारण ही होता है।

2. मृगशिरा नक्षत्र द्वितीय: ''बुध देव” इस चरण पर , मंगल तथा बुध ग्रह का प्रभाव होता है। ये पतले – दुबले शरीर वाले होते है। ये डरपोक, जुआरी, और दुखी होते है। यदि यह चरण शुभ स्थिति में हो तो जातक संगीत में र ुचिवान और एक अच्छा सैनिक होता है।

3. मृगशिरा नक्षत्र तृतीय: इस चरण के स्वामी “शुक्र ग्रह” इस चरण पर , No शुक्र ग्रह का प्रभाव होता है। इस चरण के जातक ज्यादा सोच विचार कर काम करने वाल होते है। इस चरण के जातक का ऊँची नाक, ऊँचे कंधे और सांवला र ंग होता है। ये बहुत रोमांटिक होते है। इनका एक से अधिक प्रेम प्रसंग होता है।

4. मृगशिरा नक्षत्र चतुर्थ चरण: इस चरण के स्वामी “No” इस चरण पर No बुध ग्रह का प्रभाव होता है। इस चरण के जातक का घट के समान सिर होता है। ये अत्यंत धार्मिक, क्रियाशील, वाचाल और हिंसक हो ते है। इस चरण के जातक अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करें तो क ुशल ज्योतिष, पादरी या पुरोहित बनते है। इन्हें जीवन में किसी अच्छे परामर्शदाता की जरू रत होती है।

आइये जानते है, Más información:

मृगशिरा नक्षत्र केपुरुष:

इस नक्षत्र के जातक का सामान्य कद और मध्यम रंग ह ोता है। इनके हाथ लम्बें और पैर पतले होते है। ये साधारण जीवन जीने वाले होते है। ये हर कार्य को पूरी निष्ठां से करना पसंद करते ह ै। ये बुद्धिजीवी और उत्साही होते है। किसी भी कार्य को ये पूरे हिम्मत और जोश से शुरू क रते है पर अंत में या तो उस काम से डर जाते है या उसे आधे पर ही छोड़ देते है। बचपन में इन्हें कोई रोग अवश्य होता है। ये अपने परिवार से बहुत प्रेम करते है पर किसी न क िसी ग़लतफ़हमी के कारण इन्हें इनके परिवालों से प ्रेम और साथ नहीं मिलता। जीवन के 32 horas Hace 3 días इनका भाग्योदय 33 meses

मृगशिरा नक्षत्र के स्त्री:

मृगशिरा नक्षत्र की स्त्री जातिका के सारे गुण औ र दोष पुरुष जातक के समान ही होते है। ये काफी दुबली – पतली होती है। स्वभाव से ये होशियार, फुर्तीली और स्वार्थी होत ी है। गुस्से में आने पर ये किसी को भी श्राप दे देती है । ये शिक्षित और कला प्रेमी होती है। ये अपने पति से प्रेम करने वाली और गहनों और कपड़ ों को लेकर काफी भाग्यशाली होती है। मृगशिरा नक्षत्र की जातिका अपने जीवनसाथी को अप ने वश में रखना चाहती है।

preguntas frecuentes

1. ¿Qué es?

मृगशिरा नक्षत्र No देवता – चंद्रमा है।

2. ¿Qué es?

मृगशिरा नक्षत्रस्वामी ग्रह – मंगल है।

3. ¿Sí?

मृगशिरा नक्षत्र के लोगों का Duración – 33 segundos वर्ष में होता है।

4. ¿Cómo es?

मृगशिरा नक्षत्र शुभ दिशा – दक्षिण है।

5. ¿Qué hay de ti?

मृगशिरा नक्षत्र देव गण है।

6. ¿Qué es esto?

मृगशिरा नक्षत्रयोनि – सर्प है।

7. ¿Y tú?

मृगशिरा नक्षत्रवश्य – चतुष्पद-2, नर-2 है।

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